भारत को क्यों चाहिए रुपये आधारित स्टेबलकॉइन? Binance अधिकारी ने बताई बड़ी वजह
भारत में क्रिप्टो बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा अब भी अमेरिकी डॉलर से जुड़े स्टेबलकॉइन पर निर्भर है। इसी बीच Binance के एशिया प्रशांत प्रमुख एसबी सेकर ने कहा है कि भारत को अब रुपये आधारित स्टेबलकॉइन की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे भारतीय निवेशकों और संस्थानों की डॉलर पर निर्भरता कम होगी और विदेशी मुद्रा जोखिम से भी बचाव मिलेगा। सेकर के अनुसार, भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल परिसंपत्ति बाजारों में शामिल है, लेकिन यहां के अधिकांश क्रिप्टो लेनदेन अब भी USDT और USDC जैसे डॉलर आधारित स्टेबलकॉइन के जरिए होते हैं। ऐसे में भारतीय उपयोगकर्ताओं को क्रिप्टो के साथ साथ डॉलर और रुपये की विनिमय दर में उतार चढ़ाव का जोखिम भी उठाना पड़ता है। रुपये आधारित स्टेबलकॉइन की जरूरत क्यों? सेकर का कहना है कि भारत में रहने वाले लोगों की आय, खर्च और बचत रुपये में होती है, लेकिन क्रिप्टो लेनदेन के लिए उन्हें डॉलर आधारित स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल करना पड़ता है। इससे यदि डॉलर मजबूत या कमजोर होता है, तो निवेशकों के वास्तविक रिटर्न पर भी असर पड़ सकता है। उनके अनुसार, यदि रुपये से जुड़ा एक विनियमित स्टेबलकॉइन उपलब्ध हो, तो निवेशक अपनी डिजिटल परिसंपत्तियों को सीधे