केन्या में ब्लॉकचेन से होगी डिग्री की जांच, फर्जी प्रमाणपत्रों पर लगेगी रोक
अफ्रीकी देश केन्या ने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक का सहारा लिया है। देश के उच्च शिक्षा नियामक संस्थानों ने Avalanche ब्लॉकचेन नेटवर्क पर आधारित एक नई व्यवस्था शुरू की है, जिसके जरिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से जारी डिग्री तथा अन्य शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की डिजिटल जांच की जा सकेगी। इस पहल का उद्देश्य फर्जी डिग्री, नकली प्रमाणपत्र और दस्तावेजों में हेरफेर जैसी समस्याओं पर रोक लगाना है। विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया के कई देशों में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र बड़ी चुनौती बने हुए हैं। नौकरी देने वाली कंपनियों और विश्वविद्यालयों को किसी उम्मीदवार की डिग्री की पुष्टि करने में कई दिन या कई सप्ताह तक लग जाते हैं। नई प्रणाली इस प्रक्रिया को कुछ मिनटों में पूरा करने का दावा करती है। कैसे काम करेगी नई व्यवस्था? नई प्रणाली में किसी छात्र की डिग्री या प्रमाणपत्र जारी होने के बाद उसका डिजिटल रिकॉर्ड ब्लॉकचेन पर दर्ज किया जाएगा। ब्लॉकचेन पर दर्ज जानकारी में बाद में बिना रिकॉर्ड छोड़े बदलाव करना लगभग असंभव माना जाता है। यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। जब कोई नियोक्ता, विश्वविद्यालय या सरकारी संस्था किसी प्रमाणपत्र की जांच करना चाहेगी, तो वह डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान ब्लॉकचेन पर उपलब्ध जानकारी से कर सकेगी। यदि