Higgsfield ने $5.4 बिलियन वैल्यूएशन पर $400 मिलियन जुटाए हैं, जिसमें Goldman Sachs, Intel और DST Global नए निवेशकों के रूप में शामिल हुए हैं। यह AI वीडियो स्टार्टअप इस फंडिंग का इस्तेमाल एंटरप्राइज विस्तार और कंप्यूटिंग पावर के लिए करेगा।
यह डील जनवरी में हुई $80 मिलियन की फंडिंग के बाद आई है, जिसमें कंपनी की वैल्यूएशन $1.3 बिलियन थी। यानी आठ महीनों में चार गुना बढ़ोतरी हुई है। फाउंडर Alex Mashrabov ने ये शर्तें Financial Times को कन्फर्म की हैं।
एंटरप्राइज डिमांड से बढ़ी Higgsfield की वैल्यूएशन
Higgsfield की स्थापना 2023 में पूर्व Snap एग्जीक्यूटिव Alex Mashrabov ने की थी। यह प्लेटफार्म टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स को बिज़नेस के लिए मार्केटिंग वीडियो में बदलता है। 2025 में पब्लिक लॉन्च के बाद अब 238 देशों में 3 करोड़ से ज्यादा यूज़र इसे यूज़ कर रहे हैं।
कंपनी के मुताबिक, अगस्त में एनुअलाइज्ड रेवेन्यू $700 मिलियन तक पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह सिर्फ $20 मिलियन था। अभी कंपनी की ज्यादातर इनकम बिज़नेस कस्टमर्स से आ रही है। इसकी तुलना में जनवरी में ये हिस्सा एक तिहाई से भी कम था।
यह एंटरप्राइज फोकस, AI क्लाउड प्रोवाइडर्स जैसे Nebius में हाल के ट्रेंड्स से मेल खाता है। इस साल यूजेज-बेस्ड रेवेन्यू के चलते ग्रोथ इन्वेस्टर्स ने प्रीमियम वैल्यूएशन दी है।
“Snapchat में मैंने जो फेस फिल्टर्स बनाए, उन्हें टीनेजर्स एंटरटेनमेंट के लिए ज़्यादातर यूज़ करते थे। Higgsfield में हम बड़े बिज़नेस के मार्केटिंग कैंपेन को पूरी तरह ट्रांसफॉर्म कर रहे हैं,” Mashrabov ने कहा।
Mashrabov के मुताबिक, Dollar Shave Club जैसी ब्रांड्स अब Higgsfield पर हर दिन कई वीडियो बना रही हैं, न कि सिर्फ एक कैंपेन एसेट। इससे बाहरी क्रिएटिव एजेंसियों पर निर्भरता कम होती है।
AI वीडियो की लागत ने बड़े प्रतिद्वंद्वी को डुबो दिया
Higgsfield का ग्रोथ AI वीडियो सेक्टर के बाकी हिस्सों के मुकाबले एकदम अलग है, जहां OpenAI ने अपना Sora वीडियो एप 2026 में बंद कर दिया क्योंकि महज $2.1 मिलियन लाइफटाइम रेवेन्यू के मुकाबले भारी खर्चा हो रहा था।
OpenAI ने अप्रैल में यह एप बंद किया था, और फिर सितंबर में उसकी API भी बंद करने की पुष्टि कर दी। कंपनी ने बताया कि भारी कंप्यूटिंग कॉस्ट के मुकाबले लाइफटाइम रेवेन्यू का हिस्सा काफी छोटा रह गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार Sora के दैनिक इंफेरेंस खर्च लगभग $15 मिलियन के आसपास आंके गए हैं, जो ऐप की कुल कमाई से कहीं ज्यादा है। वीडियो जनरेट करने के लिए टेक्स्ट या इमेज की तुलना में कहीं ज्यादा कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है, जिससे खर्च को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। इसी तरह की लागत का प्रेशर महसूस करते हुए इस साल और भी कई वीडियो जनरेशन कंपनियों ने अपने कदम पीछे खींचे हैं।
Goldman और Intel ने भी इस भीड़ में एंट्री ली
Goldman Sachs ने अपने Equity Growth फंड के जरिए निवेश किया है। Intel की AI से जुड़ी इन्वेस्टमेंट भी इस साल काफी बढ़ी हैं, क्योंकि चिपमेकर कंपनियां कोर हार्डवेयर सेल्स के अलावा भी हिस्सेदारी तलाश रही हैं। Tribe Capital, Fifth Wall और NTT DOCOMO Ventures भी अन्य इन्वेस्टर्स में शामिल हैं।
Goldman का अनुमान है कि ग्लोबल क्रिएटर इकोनॉमी 2023 में $250 बिलियन से बढ़कर 2027 तक $480 बिलियन तक पहुंच सकती है। The Business Research Company के मुताबिक, डिजिटल ऐड खर्च 2030 तक $1.1 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।
Mashrabov का कहना है कि सीमित कंप्यूटिंग पावर ही फंडिंग रेज़ का एक बड़ा कारण रही। इस नए फंडिंग से Higgsfield को कंप्यूट कैपेसिटी रिज़र्व करने में मदद मिलेगी, जिससे कंपनी एंटरप्राइज प्रोडक्ट्स और सिक्योरिटी को और बेहतर तरीके से तैयार कर सकेगी।
क्या Higgsfield अपना ग्रोथ मोमेंटम बनाए रख पाएगा, जब बड़े लैब्स वीडियो जनरेशन फील्ड में एंट्री कर रहे हैं? यही उसकी वैल्यूएशन के लिए अगली बड़ी परीक्षा होगी।

